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नदी डॉल्फ़िन सर्वेक्षण, पीठासीन अधिकारी सम्मेलन और भारत-जापान तटरक्षक अभ्यास | करेंट अफेयर्स 2026


नदी डॉल्फ़िन सर्वेक्षण, पीठासीन अधिकारी सम्मेलन और भारत-जापान तटरक्षक अभ्यास | करेंट अफेयर्स 2026

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए जनवरी 2026 के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम नीचे सरल और परीक्षा-उपयोगी भाषा में प्रस्तुत किए गए हैं।


नदी और मुहाना क्षेत्रों में डॉल्फ़िन का दूसरा राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण शुरू

भारत में नदी और मुहाना क्षेत्रों में पाई जाने वाली डॉल्फ़िन प्रजातियों के दूसरे राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण की औपचारिक शुरुआत उत्तर प्रदेश के बिजनौर से की गई है। यह सर्वेक्षण प्रोजेक्ट डॉल्फ़िन के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।

सर्वेक्षण की मुख्य विशेषताएं

  • सर्वेक्षण दो चरणों में आयोजित किया जाएगा।
  • पहला चरण गंगा नदी के मुख्य प्रवाह (बिजनौर से गंगा सागर तक) को कवर करेगा।
  • इस चरण में सिंधु नदी को भी शामिल किया गया है।
  • दूसरा चरण ब्रह्मपुत्र नदी, गंगा की सहायक नदियां, सुंदरबन क्षेत्र और ओडिशा पर केंद्रित होगा।

सर्वेक्षण का उद्देश्य

  • सिंधु नदी डॉल्फ़िन और इरावदी डॉल्फ़िन की वर्तमान जनसंख्या का आकलन
  • डॉल्फ़िन के पर्यावास की स्थिति का अध्ययन
  • संभावित खतरों और संरक्षण प्राथमिकताओं की पहचान
  • जनसंख्या अनुमानों को अद्यतन करना

यह सर्वेक्षण भविष्य में डॉल्फ़िन संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियां और योजनाएं बनाने में मदद करेगा।

प्रोजेक्ट डॉल्फ़िन से जुड़ी जानकारी

  • प्रोजेक्ट डॉल्फ़िन की शुरुआत वर्ष 2020 में की गई थी।
  • इसे पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है।

2021–23 के पिछले राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण में भारत में लगभग 6,327 नदी डॉल्फ़िन दर्ज की गई थीं। इनमें गंगा नदी डॉल्फ़िन और ब्यास नदी में पाई जाने वाली सिंधु नदी डॉल्फ़िन की सीमित आबादी शामिल थी।

सबसे अधिक डॉल्फ़िन उत्तर प्रदेश और बिहार में पाई गई थीं।


86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन लखनऊ में शुरू

86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन 19 जनवरी 2026 को लखनऊ में प्रारंभ हुआ। सम्मेलन का आयोजन उत्तर प्रदेश विधानसभा परिसर में किया गया।

सम्मेलन से जुड़ी प्रमुख जानकारियां

  • उद्घाटन सत्र को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संबोधित किया।
  • सम्मेलन में देशभर से विधानसभा और विधान परिषद के पीठासीन अधिकारी शामिल हुए।
  • उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्वागत भाषण दिया।
  • राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

सम्मेलन के प्रमुख विषय

  • विधायी प्रक्रियाओं में सुधार
  • संसदीय परंपराओं पर विचार-विमर्श
  • विधानसभा कार्य संचालन का मूल्यांकन
  • विधायी कार्यों में प्रौद्योगिकी का उपयोग

यह सम्मेलन कुल तीन दिनों तक चलेगा और इसका समापन 21 जनवरी 2026 को होगा। समापन भाषण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा दिया जाएगा।


भारत और जापान तटरक्षक बल का संयुक्त समुद्री अभ्यास

भारतीय तटरक्षक बल और जापानी तटरक्षक बल ने मुंबई में संयुक्त रूप से खतरनाक और हानिकारक पदार्थों (HNS) से निपटने का अभ्यास किया।

अभ्यास की मुख्य बातें

  • अभ्यास का आयोजन प्रदूषण नियंत्रण पोत ICGS समुद्र प्रहरी पर किया गया।
  • इसमें दोनों देशों की राष्ट्रीय स्ट्राइक टीमों ने भाग लिया।
  • समुद्री सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण पर संयुक्त प्रशिक्षण दिया गया।

इस अवसर पर जापानी तटरक्षक बल के कमांडेंट एडमिरल योशियो सेगुची ने भारतीय तटरक्षक बल के पश्चिमी क्षेत्रीय मुख्यालय का दौरा किया।

उन्होंने तटरक्षक क्षेत्र (पश्चिम) के कमांडर महानिरीक्षक भीष्म शर्मा से शिष्टाचार भेंट की और आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया।

अन्य गतिविधियां

  • मुंबई में विस्तृत योजना सत्र आयोजित किए गए
  • एचएनएस प्रतिक्रिया तकनीकों का संयुक्त प्रदर्शन
  • मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड का दौरा

यह अभ्यास भारत और जापान के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी और मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


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