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करंट अफेयर्स 2026: मत्स्य पालन, साहित्यिक विरासत और पोषण सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख पहल


करंट अफेयर्स 2026: मत्स्य पालन, शास्त्रीय साहित्य और पोषण से जुड़ी अहम सरकारी पहल

सरकारी नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए हालिया करंट अफेयर्स बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। नीचे दिए गए घटनाक्रम मत्स्य पालन, शिक्षा, संस्कृति और पोषण सुरक्षा से जुड़े हैं, जो आने वाली परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं।


भारत का सबसे बड़ा एकीकृत अंतर्देशीय रेनबो ट्राउट फार्म

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में भारत के सबसे बड़े एकीकृत अंतर्देशीय रेनबो ट्राउट फार्म का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय कोयला खान मंत्री जी किशन रेड्डी भी मौजूद रहे।

यह फार्म स्टार्टअप स्मार्टग्रीन एक्वाकल्चर द्वारा स्थापित किया गया है और इसका मुख्य उद्देश्य ठंडे पानी में पाई जाने वाली मछली रेनबो ट्राउट का पालन करना है।

इस परियोजना की खास बात यह है कि उन्नत इंजीनियरिंग तकनीकों के माध्यम से दक्कन पठार जैसी गर्म जलवायु में भी ट्राउट मछली की खेती संभव बनाई गई है। इस परियोजना में लगभग 50 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

आमतौर पर भारत में ट्राउट पालन केवल हिमालयी क्षेत्रों तक सीमित रहा है। केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के माध्यम से ट्राउट मछली के निर्यात को बढ़ावा देने का भी आश्वासन दिया।


शास्त्रीय भाषाओं की 41 नई साहित्यिक कृतियों का विमोचन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली में 41 साहित्यिक कृतियों का विमोचन किया। ये कृतियाँ शास्त्रीय भाषाओं के उत्कृष्टता केंद्रों द्वारा विकसित की गई हैं।

इन पुस्तकों में शास्त्रीय कन्नड़, तेलुगु, मलयालम और ओडिया भाषाओं पर विशेष फोकस किया गया है। इनका निर्माण केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान के अंतर्गत किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान 13 अतिरिक्त पुस्तकों का भी विमोचन हुआ। इसके साथ ही तिरुक्कुरल की 45 एपिसोड की सांकेतिक भाषा व्याख्या श्रृंखला भी जारी की गई।

तिरुक्कुरल तमिल भाषा का एक प्रसिद्ध शास्त्रीय ग्रंथ है, जिसमें कुल 1,330 लघु दोहे (कुरल) शामिल हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह पहल शास्त्रीय भाषा अध्ययन को बढ़ावा देने और भारत की साहित्यिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


एनडीडीबी फाउंडेशन का राष्ट्रीय सीएसआर सम्मेलन

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा एनडीडीबी फाउंडेशन के राष्ट्रीय सीएसआर सम्मेलन का उद्घाटन किया गया।

सम्मेलन का विषय रहा – “पोषण सुरक्षा और कुपोषण निवारण में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका”। इसका मुख्य उद्देश्य बाल पोषण के लिए सहयोगात्मक और दीर्घकालिक रणनीतियों पर चर्चा करना है।

इस अवसर पर अमित शाह ने गिफ्टमिल्क कार्यक्रम के तीसरे चरण की शुरुआत की। यह पहल एसएआईएल-भिलाई स्टील प्लांट की सीएसआर योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लागू की जा रही है।

इस कार्यक्रम से खनन प्रभावित क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 4,000 बच्चों को लाभ मिलेगा। बच्चों को विटामिन ए और डी से फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड दूध उपलब्ध कराया जाएगा। दूध की आपूर्ति छत्तीसगढ़ मिल्क फेडरेशन के माध्यम से की जाएगी।


शिशु संजीवनी कार्यक्रम का शुभारंभ

अमित शाह ने आईडीबीआई बैंक के सीएसआर कार्यक्रम के तहत शिशु संजीवनी योजना का भी शुभारंभ किया।

इस योजना के अंतर्गत महाराष्ट्र के नागपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले लगभग 3,000 बच्चों को पोषण संबंधी सहायता दी जाएगी।

शिशु संजीवनी एक ऊर्जा युक्त, पौष्टिक और खाने के लिए तैयार पोषण पूरक है, जिसे एनडीडीबी द्वारा विकसित किया गया है।


परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

नोट: यह करंट अफेयर्स सामग्री UPSC, SSC, बैंक, रेलवे, राज्य सेवा आयोग और अन्य सरकारी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।


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