भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती: 38वां रणनीतिक संवाद नई दिल्ली में
भारत और फ्रांस के बीच 38वें भारत–फ्रांस रणनीतिक संवाद का आयोजन नई दिल्ली में सफलतापूर्वक किया गया। यह संवाद दोनों देशों के बीच गहराते रणनीतिक संबंधों और दीर्घकालिक सहयोग की दिशा को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इस उच्चस्तरीय संवाद की सह-अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और फ्रांस के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार इमैनुएल बोन ने की।
संवाद के प्रमुख विषय
- सुरक्षा और रक्षा सहयोग की समीक्षा
- उन्नत प्रौद्योगिकी और नवाचार में साझेदारी
- अंतरिक्ष सहयोग और नागरिक परमाणु साझेदारी
- बदलती वैश्विक और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक स्थिति
दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर उभरती चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया और शांति, स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए निकट सहयोग पर सहमति जताई।
इस दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की प्रस्तावित भारत यात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
इमैनुएल बोन ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी शिष्टाचार भेंट की।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे हुए थे, जो दोनों देशों के मजबूत और भरोसेमंद रिश्तों को दर्शाता है।
भाषिनी समुदाय कार्यशाला: भारत के भाषा एआई पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा
नई दिल्ली में “भाषिनी समुदाय: भारत के भाषा एआई पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाना” विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा किया गया।
कार्यशाला के उद्देश्य
- भाषिनी को एक राष्ट्रीय भाषा एआई मंच के रूप में विस्तारित करना
- बहुभाषी शासन और शिक्षा को डिजिटल समर्थन देना
- सार्वजनिक सेवा वितरण में भाषा बाधा को समाप्त करना
चर्चा के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि डिजिटल सेवाओं तक पहुंच में भाषा कभी बाधा न बने।
इसके साथ ही, जिम्मेदार डेटा प्रथाओं, गुणवत्ता मानकों और दीर्घकालिक सहयोग के माध्यम से समावेशिता सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
जिम्मेदार राष्ट्र सूचकांक का शुभारंभ: 19 जनवरी
विश्व बौद्धिक फाउंडेशन द्वारा 19 जनवरी को जिम्मेदार राष्ट्र सूचकांक (Responsible Nations Index) का शुभारंभ किया जाएगा।
यह सूचकांक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), भारतीय प्रबंधन संस्थान मुंबई (IIM Mumbai) और डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र के सहयोग से तैयार किया गया है।
उद्घाटन समारोह में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की उपस्थिति प्रस्तावित है।
सूचकांक के तीन मुख्य आयाम
- आंतरिक उत्तरदायित्व – नागरिकों की गरिमा, न्याय और सामाजिक कल्याण
- पर्यावरणीय उत्तरदायित्व – प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई
- बाह्य उत्तरदायित्व – वैश्विक शांति, सहयोग और स्थिरता में योगदान
यह सूचकांक 154 देशों को कवर करता है और पारदर्शी तथा वैश्विक रूप से उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है।
📌 परीक्षा उपयोगिता: यह लेख UPSC, SSC, Banking, Railway, State PSC और अन्य सरकारी परीक्षाओं के करंट अफेयर्स सेक्शन के लिए अत्यंत उपयोगी है।