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केंद्रीय मंत्रिमंडल के बड़े फैसले: SIDBI निवेश, तेलंगाना जीवन विज्ञान नीति और राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026

केंद्रीय मंत्रिमंडल और राज्य सरकारों द्वारा हाल ही में लिए गए अहम फैसले देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाले हैं।
इन निर्णयों का सीधा असर MSME सेक्टर, स्टार्टअप इकोसिस्टम, ऊर्जा क्षेत्र और रोजगार सृजन पर पड़ेगा।


SIDBI में 5,000 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) में
5,000 करोड़ रुपये के इक्विटी निवेश को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को अधिक आसान और सस्ता ऋण उपलब्ध कराना है।

  • यह इक्विटी सहायता वित्तीय सेवा विभाग द्वारा प्रदान की जाएगी।
  • निवेश को तीन अलग-अलग किस्तों में जारी किया जाएगा।

निवेश की समय-सीमा

वित्तीय वर्ष निवेश राशि
2025-26 ₹3,000 करोड़
2026-27 ₹1,000 करोड़
2027-28 ₹1,000 करोड़

इस निवेश के बाद SIDBI द्वारा समर्थित MSME की संख्या
2025 में लगभग 76 लाख से बढ़कर 2028 तक 1.02 करोड़ होने का अनुमान है।
इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और छोटे व्यवसायों को मजबूती मिलेगी।


तेलंगाना की नई जीवन विज्ञान नीति 2026–2030

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने दावोस में आयोजित
विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान
नई जीवन विज्ञान नीति 2026 से 2030 का अनावरण किया।

जीवन विज्ञान नवाचार कोष

  • नीति के तहत 100 करोड़ रुपये के प्रारंभिक आवंटन के साथ एक समर्पित नवाचार कोष बनाया जाएगा।
  • भविष्य में इस कोष को 1,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।
  • कोष की स्थापना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर होगी।

यह कोष वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी फंड के साथ सह-निवेश करेगा और
स्टार्टअप, स्केल-अप तथा ट्रांसलेशनल रिसर्च को वित्तीय सहायता देगा।

राज्य सरकार का लक्ष्य 2030 तक तेलंगाना को दुनिया के शीर्ष 5 जीवन विज्ञान केंद्रों में शामिल करना है।
इसके लिए अगले पांच वर्षों में 25 अरब डॉलर के निवेश और
5 लाख नए रोजगार सृजित करने की योजना है।


राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 का नया मसौदा जारी

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 का नया मसौदा जारी कर दिया है।
यह नीति विद्युत मंत्रालय द्वारा तैयार की गई है और
विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

प्रमुख लक्ष्य

  • 2030 तक प्रति व्यक्ति विद्युत खपत 2,000 यूनिट (kWh) तक पहुंचाना।
  • 2047 तक इसे 4,000 यूनिट से अधिक करने का लक्ष्य।
  • वर्ष 2024-25 में यह खपत 1,460 यूनिट दर्ज की गई थी।

नई नीति भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है, जिसमें
2030 तक उत्सर्जन तीव्रता में 45 प्रतिशत की कमी का लक्ष्य शामिल है।
यह नीति 2005 में लागू पुरानी राष्ट्रीय विद्युत नीति का स्थान लेगी।


निष्कर्ष

SIDBI में निवेश, तेलंगाना की जीवन विज्ञान नीति और राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026
देश के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सतत विकास की दिशा में
महत्वपूर्ण कदम हैं।
इन फैसलों से आने वाले वर्षों में MSME, स्टार्टअप, ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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