संचार मंत्रालय के दो अहम समझौते, लोकतंत्र पर वैश्विक सम्मेलन और बायो-बिटुमेन में भारत की बड़ी उपलब्धि
नई दिल्ली में संचार मंत्रालय ने किसानों और ग्रामीण नागरिकों के हित में दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
ये समझौते कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ किए गए हैं।
कृषि मंत्रालय के साथ समझौता: किसानों को सीधा लाभ
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि कृषि मंत्रालय के साथ हुआ समझौता नकली कीटनाशकों की समस्या से निपटने की दिशा में एक ठोस कदम है।
इस पहल से देशभर के लगभग 15 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा।
- कीटनाशक नमूनों पर अब QR कोड लगाए जाएंगे
- नमूनों की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी
- तापमान निगरानी के माध्यम से नमूनों को सुरक्षित रखा जाएगा
- नमूने अब 2 से 3 दिनों में प्रयोगशालाओं तक पहुंचेंगे
पहले इस प्रक्रिया में 10 से 15 दिन लग जाते थे, जिससे गुणवत्ता जांच में देरी होती थी। नए सिस्टम से कीटनाशक गुणवत्ता नियंत्रण और अधिक मजबूत होगा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ समझौता: महिलाओं का सशक्तिकरण
ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ किया गया समझौता ग्रामीण समुदायों को डिजिटल और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर केंद्रित है।
इसके तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 12 करोड़ महिलाओं को
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) से जोड़ा जाएगा।
इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच आसान होगी और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।
लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) इस माह की 21 तारीख से नई दिल्ली में
लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करेगा।
यह सम्मेलन भारतीय अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
सम्मेलन का विषय है:
“समावेशी, शांतिपूर्ण, लचीले और टिकाऊ विश्व के लिए लोकतंत्र”
IIIDEM के महानिदेशक राकेश कुमार वर्मा ने सम्मेलन के आधिकारिक लोगो का अनावरण किया।
लोगो के केंद्र में भारत को दर्शाता हुआ ग्लोब है, जो सम्मेलन के वैश्विक स्वरूप को दर्शाता है।
तीन दिनों के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त लगभग 40 द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
इन बैठकों में विभिन्न देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुख और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे।
बायो-बिटुमेन में भारत ने रचा इतिहास
भारत अब व्यावसायिक रूप से बायो-बिटुमेन का उत्पादन करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।
इसकी घोषणा केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में आयोजित
CSIR प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समारोह में की।
बायो-बिटुमेन सड़क निर्माण में उपयोग होने वाला एक पर्यावरण अनुकूल विकल्प है,
जो कच्चे तेल से बनने वाले पारंपरिक बिटुमेन का स्थान ले सकता है।
श्री गडकरी ने इस उपलब्धि के लिए CSIR को बधाई देते हुए कहा कि इससे
फसल अवशेष जलाने से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी और यह विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है।
कार्यक्रम में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह पहल
भारत में स्वच्छ और हरित राजमार्गों के एक नए युग की शुरुआत है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह परियोजना “अपशिष्ट से धन” मिशन को मजबूती देती है
और कृषि अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलने में मदद करेगी।
निष्कर्ष:
ये सभी पहलें भारत में कृषि, ग्रामीण विकास, लोकतंत्र और पर्यावरण के क्षेत्र में दीर्घकालिक और सकारात्मक बदलाव लाने वाली हैं,
जो आम नागरिकों के जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगी।